Skip to main content

क्या 11 करोड की कीमत चुका पाएंगे मनीष पांडे ?


जनवरी में जब आईपीएल के लिए खिलाडियों की नीलामी हुई तब केकेआर की तरफ से खेलने वाले मनीष पांडे को हैदराबाद ने 11 करोड की मोटी रकम में खरीदा। पांडे भारत की तरफ से सबसे मंहगे बिकने वाले खिलाडियों में से एक थे। फिलहाल भारतीए टीम के सीमित ओवरों में जगह पक्की करने की प्रयास में जुटे मनीष पांडे अच्छे फॉर्म से गुजर रहे है। हाल में दक्षिण अफ्रीका और श्रीलंका मे उनहोनें  बहुत रन बनाए है।

मनीष पांडे के पुर्व आईपीएल टीम के कप्तान गौतम गंभीर को दिल्ली ने 2.4 करोड में खरीदा, गंभीर आईपीएल के सफलतम कप्तान होने के साथ साथ सबसे ज्यादा रन और पचास बनाने की टॉप फाईव की सुचि में भी शामिल है। गौतम गंभीर ने आईपीएल के 148 मैचों में 31.55 की औसत और 124.64 की सट्राईक रेट से 35 पचास समेत 4133 रन बनाए है और मनीष ने 103 मैचों में 28.4 की औसत और 120.12 की सट्राईक रेट से 9 पचास समेत 2215 रन बनाए है । मनीष पांडे को उनके पुर्व कप्तान गौतम गंभीर से लगभग चार गुणे दाम में खरीदा गया है, ऐसे में युवा बल्लेबाज पांडे पर नयी फ्रेंचाईजी से खेलते वक्त कहीं न कहीं दवाब जरुर होगा ।  

Comments

Popular posts from this blog

क्या नाईट-राइडर्स इस आईपीएल की कमजोर टीम है?

दुनिया के बेहतरीन गेंदबाजों में से एक मिचेल स्टार्क को कोलकाता की टीम ने भारी भरकम 9.4 करोड़ में खरीदा। खरीदने के पीछे मंशा साफ थी, ईडन र्गाडेन की तेज पिच पर विपक्षी बल्लेबाजों को घातक गेंदबाजी से सामना कराना। मिचेल स्टार्क के पुरे कैरियर में एक चीज जो हमेशा साथ रहीं वो है, उनका समय-समय पर चोटिल हो जाना। इस बेहतरीन खिलाड़ी के साथ-साथ इसके घायल होने का खतरा साथ में आता है। दो बार की चैंपियन टीम कोलकाता को जिस चीज का डर था, वहीं हुआ। आईसीसी ने इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए यें जानकारी दी कि घातक गेंदबाज स्टार्क चोटिल हो गए है और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ चौथे टेस्ट समेत पुरे आईपीएल से बाहर हो गए है। शाहरुख खान की टीम के लिए ये आईपीएल से पहले सबसे बड़ा झटका है। स्टार्क इनके गेंदबाजी लाईन-अप के रीढ की हड्डी थे, इनके जाने के बाद तेज गेंदबाजी कमजोर नजर आती है। मिचेल जॉनसन एक और विक्लप है लेकिन अब उनमें वो धार नहीं रही। कमलेश नागरकोटी, विनय कुमार, आंद्रे रसल भी विक्लप है लेकिन इनमें से कोई ऐसा गेंदबाज नहीं जिससे बल्लेबाज खौफ खाए। कमलेश भले ही अंडर नाईनटीन विश्वकप के हीरो रहे हो लेकिन विश्व क...

There was outrage and anger at Nirbhaya’s time, it has come again, but how much circumstances changed?

On 16 th  Dec, the country was shaken by the brutal rape of Nirbhaya by some non-humans in Delhi. We were angry like hell, we wanted to kill the convicts ourselves even though it would have ended up making us murders. We said many things, like their private part should be cut and they should be left on roads to rot without any support. They wanted them to be burnt alive so that it could set an example to not let it happen again. We did candle march in almost every city including the famous India Gate candle march asking for justice for Nirbhaya. I must congratulate everyone, they were hanged excluding the juvenile and we got justice for her. One more achievement was India getting its juvenile law. The juvenile who was convicted in the case was set free on 20 th December. There was anger and outrage in the country which is happening to rise again, courtesy of Kathua and Unnao rape case.  Getting angry and outrageous is good if it is for the good cause. At that time, we...

सरकारी नौकरी तो नहीं मिलती, जब तोड़-फोड़ करने के पैसे मिले तो कौन मना करे..

शायद ये सही समय है कि एकबार फिर से पद्मावत के विवाद पर बात कर ली जाए क्योंकि अब कोई करनी सेना हमला नहीं करेगी। फिल्म रिलीज हुई और लोगों के साथ-साथ करनी सेना और उन राजपुतों को भी पंसंद आई जो फिल्म के विरोध में थे। कुछ विरोधीयों ने तो फिल्म को प्रोमोट भी किया।   अब ये बताइए कि मुवी देखे बिना विरोध के रुप में जो लाखों का नुकसान किया गया उसकी भरपाई कौन करेगा। संजय लीला भंसाली के पैसे की भरपाई तो लोगों ने फिल्म देखकर कर दी। उस नुकसान का क्या जो आम जनता के टैक्स से बनी सरकारी संप्तति का हुआ, क्या इसकी भरपाई के लिए करनी सेना और वो चुनिंदा राजपुत सामने आएंगे, जो क्रमठ होकर तोड़-फोड़ कर रहे थे। नुकसान करने वाले भी दो तरह के लोग होतें है। एक जिनकी भावनाऔं को वाकई में ठेस पहुचती है, जो ये नहीं समझ पाते कि वो अपना ही नुकसान कर रहें है और अपनी बात मनवाने के लिए हिंसा पर उतर आते है जो बिलकुल भी समस्या का समाधान नहीं है। दुसरे वो लोग होते है जो या तो किराये पर लाए जाते है या ब्रेनव़ॉश कर लाए जाते है। ये जो दुसरे तरह वाले लोग है, इनका प्रयोग अलग-अलग कामों के लिए किया जाता है। चाहे वो चुना...